Tuesday, 12 June 2012

Jaane kya mujhse zamana chahta hai ,
Mera dil todkar mujhe hi hansana chahta hai ,,
Jaane kya baat jhalakti hai mere chahre se ,
Har shaks mujhe aajmana chahta hai …
Sona chahta hun per neend nahi aati hai,
Badal badal ke karwate yunhi raat guzar jati hai,
Kar bhi pyaar ka izhar ya jaane jigar,
Akhir kyon tu mujhe itna tadpati hai…

Dil main har raaaz dabaa key rakhtay hein
Honton pay Muskaan sajaa key rakhtay hein..
ye duneeya sirff Khushee mein saath daytee hai..
iss liye hum apnay aansoo chupaaa kay rakhtey hein…
Chaha ke ye Aasma humara hota,
khwaisho ka koi kinara hota,
ye soch kar na roka us musafir ko humne,
dur jata hi kyu agar wo hamara hota…

Dard Kitne Hain Bata Nahi Sakta
Zakhm Kitne Hain Dikha Nhai Sakta
Ankhon Se Samjh Sako To Samjh Lo
Ansoon Gire Hain Kitne Gina Nahi Sakta …

Happy Promise Day…

Promise Day Shayari

Main Tujhse Aaj Ek Waada Karta Hun,
Ki Main Saare Wadein Nibhaunga,
Per Ek Waada Mujhe Tujhse Bhi Lena Hai,
Jo Tuh Gar Kabhi Mujhe Dard De
Bass Ye Keh Dena Ki Tuh Anjaan Tha,
Varna Main Jeete Ji Marr Jaunga !!
Happy Promise Day…

Happy Valentine Day!

Happy Valentine DayKitna bhi chaho, na bhol paoge
Hum se jitna dur jao nazdik paoge
Humein mita sakte ho to mita do
Yaadein meri, magar…
Kya sapno se juda kar paoge humein.
Happy Valentine Day!


Monday, 11 June 2012

मां भैया आ गए.

एक बार संता ने अपने बेटे की शादी की.
बहू विदाई के बाद घर आ गई तब संता की पत्नी (सास) ने कहा- बेटी आज से मुझे मां और अपने ससुर को पापा कहना.
शाम को संता का बेटा (पति) के आने पर पत्नी बोली, मां भैया आ गए.

क्या लाया हूं?

लड़का (रोमांटिक अंदाज में): जान देखो, मैं तुम्हारी जुल्फों के लिए क्या लाया हूं?
लड़की: सो स्वीट.. क्या?
लड़का: जूं निकालने वाली कंघी

हाथ में सरकार

शराबी: अगर मेरे हाथ में सरकार होती तो मैं देश की तकदीर बदल देता.
शराबी की पत्नी: अरे, पहले अपना पाजामा तो बदल लो, सुबह से मेरी सलवार पहन कर घूम रहे हो.


ठीक होने का शॉर्टकट दुआ नहीं भरोसा है !! 

medicines

इसे दवा की नहीं दुआ की जरूरत है, हिंदी फिल्मों का यह एक बेहद लोकप्रिय और शायद सबसे पुराने डायलॉग में से एक है. जब भी कोई व्यक्ति बहुत बीमार होता है तो डॉक्टर उसके परिवार वालों को यही कहता है कि अब दवाओं ने अपना असर बंद कर दिया है इसीलिए अब परिवारवालों की दुआएं ही उसकी जान बचा सकती हैं. लेकिन अगर हम एक नई रिसर्च पर गौर करें तो यह सिर्फ एक फिल्मी डायलॉग से अधिक और कुछ प्रतीत नहीं होता.वैज्ञानिकों का कहना है कोई भी व्यक्ति केवल तभी ठीक हो सकता है जब वह डॉक्टरों द्वारा दी जाने वाली दवाइयों पर भरोसा रखता है. अमेरिका में रहने वाले सात सौ बीमार व्यक्तियों पर संपन्न इस शोध के बाद यह प्रमाणित हुआ है कि दवाइयों पर भरोसा करने वाले मरीज अपेक्षाकृत जल्दी ठीक हो जाते हैं.इस अध्ययन के बाद एक बहुत रोचक बात सामने आई है वो यह कि सर्दी और जुकाम जैसी बीमारियां कभी दवाई खाने से ठीक नहीं होतीं. एनेस्ल ऑफ फैमिली हिस्ट्री नामक पत्रिका में प्रकाशित इन नतीजों के बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि बिना दवा खाए या फिर कोई बेअसर दवा खाने के बाद भी अगर आपको आराम मिलता है तो मेडिकल भाषा में उसे प्लोसेबो इफेक्ट कहा जाता है. इसके अंतर्गत बीमार व्यक्ति को यह लगता है कि वह दवाई खाने से ठीक हो रहा है जबकि वास्तव में वह दवाई उस पर कोई असर नहीं दिखा रही होती, बल्कि वह अन्य कारणों से स्वस्थ हो रहा होता है.लगभग सभी समाजों में परंपरागत तौर पर इस असर को स्वीकार किया गया है. भारतीय समाज के अलावा अन्य देशों में भी इस तथ्य पर विश्वास किया जाता है कि दवाई ना लेने के बावजूद मरीज सर्दी जैसी बीमारी से ठीक हो सकता है लेकिन इस अध्ययन के बाद अब इस धारणा को आधार प्रदान कर दिया गया है. जिन लोगों पर यह अध्ययन किया गया उनमें से कुछ को कोई दवा ही नहीं दी गई और कुछ को ऐसी दवाएं दी गईं जो सीधे तौर पर सर्दी जुखाम को ठीक नहीं करतीं.मरीजों को यह यकीन था कि वह अच्छी औषधि युक्त दवाई का सेवन कर रहे हैं. कुछ समय बाद ही वह एक दम स्वस्थ हो गए और इसका कारण बना उन्हें दिया गया यह आश्वासन कि वह प्रभावी दवाई खा रहे हैं. इसके विपरीत जिन लोगों को कोई दवाई नहीं दी जा रही थी उन्हें ठीक होने में थोड़ा अधिक समय लगा. अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों को यह यकीन हो गया था कि मरीज को दुआ या डॉक्टर नहीं बल्कि उस दवाई पर भरोसा ही ठीक करता है. हां, लेकिन गंभीर बीमारियों के मामले में यह अध्ययन शायद कारगर सिद्ध ना हो इसीलिए डॉक़्टरी सलाह को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.